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पूर्णिया एयरपोर्ट: बिहार को मिलने वाली नई सौगात

पूर्णिया एयरपोर्ट: बिहार को मिलने वाली नई सौगात

बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब बागडोगरा एयरपोर्ट की लंबी यात्रा से छुटकारा मिलने वाला है क्योंकि बिहार का चौथा एयरपोर्ट पूर्णिया एयरपोर्ट जल्द ही शुरू होने जा रहा है। सितंबर महीने में इसके ऑपरेशंस शुरू होने की उम्मीद है। आइए जानते हैं इस एयरपोर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी और इसके फायदों के बारे में।

पूर्णिया एयरपोर्ट क्यों है खास?

पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार का चौथा कमर्शियल एयरपोर्ट होगा। अभी तक बिहार में पटना, गया और दरभंगा में ही हवाई सेवाएं उपलब्ध थीं। पूर्वी बिहार के लोगों को फ्लाइट पकड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट तक जाना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन अब पूर्णिया एयरपोर्ट शुरू होने से यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

यह एयरपोर्ट चूनापुर (Purnea) में स्थित है और भारतीय वायुसेना का बेस होने के कारण यहां पहले से ATC (Air Traffic Control) की सुविधा मौजूद है। अब इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ एक सिविल एयरपोर्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है।

इतिहास और वर्तमान स्थिति

पूर्णिया एयरपोर्ट नया नहीं है। यहां पहले भी उड़ान सेवाएं संचालित होती थीं, लेकिन कम इंफ्रास्ट्रक्चर और कम डिमांड के कारण 2012 के बाद सेवाएं बंद हो गईं। अब 13 साल बाद फिर से यहां कमर्शियल उड़ानें शुरू होने जा रही हैं।

अभी एयरपोर्ट का काम फाइनल स्टेज में है। रनवे की लंबाई 2800 मीटर है, जो बड़े विमानों के लिए भी उपयुक्त है। यहां CAT-II लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि खराब मौसम में भी फ्लाइट्स को लैंडिंग में दिक्कत न हो।

कनेक्टिविटी और सुविधाएं

एयरपोर्ट तक आसान पहुंच के लिए 7 किमी लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जो चूनापुर को मुख्य शहर से जोड़ेगी। इसके अलावा एयरपोर्ट को भागलपुर, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और अररिया जैसे प्रमुख जिलों से भी जोड़ा जाएगा। इससे पूरे पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी सुधरेगी।

पूर्णिया एयरपोर्ट के फायदे

  • बेहतर हवाई संपर्क – दिल्ली, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों तक सीधी फ्लाइट की सुविधा मिलेगी।
  • आर्थिक विकास – एयरपोर्ट के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार – आसपास होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं का विकास होगा।
  • अन्य एयरपोर्ट्स पर दबाव कम होगा – पटना और दरभंगा एयरपोर्ट का लोड कम हो जाएगा।
  • सोशल डेवलपमेंट – स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार होगा।

कब शुरू होंगी उड़ानें?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर 2025 तक ऑपरेशंस शुरू होने की संभावना है। पहले 15 अगस्त की तारीख तय थी, लेकिन कुछ कार्य अधूरे रहने के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया। अनुमान है कि 17 सितंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बिहार को यह सौगात मिल सकती है।

निष्कर्ष

पूर्णिया एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा। यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का केंद्र साबित होगा। पूर्वी बिहार के लोगों को अब बागडोगरा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आपको क्या लगता है, पूर्णिया एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बिहार के विकास में कितना बदलाव आएगा? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।

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