1. पूर्णिया (Purnea)
- शुरुआत का बिंदु – पूर्वोत्तर बिहार का महत्वपूर्ण शहर।
- पहचान – मखाना, कृषि, व्यापारिक मंडी और कोसी-सीमांचल क्षेत्र का गेटवे।
- यहाँ से NH-57 और अन्य हाइवे के जरिए यात्रा की शुरुआत होती है।
2. अररिया (Araria)
- दूरी – लगभग 45 किमी।
- नेपाल बॉर्डर के नज़दीक, अररिया व्यापार और सीमा-पार संबंधों के लिए प्रसिद्ध है।
- यहाँ की राजनीति और सामाजिक ताना-बाना पूरे सीमांचल पर असर डालता है।
3. फोर्ब्सगंज (Forbesganj)
- दूरी (पूर्णिया से) – लगभग 55–60 किमी।
- ऐतिहासिक नगर और अररिया जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र।
- नेपाल सीमा (बीराटनगर) के नज़दीक होने से क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और सांस्कृतिक मेल-जोल का प्रभाव।
4. नरपतगंज (Narpatganj)
- NH-57 पर छोटा लेकिन अहम कस्बा।
- यहाँ से कोसी क्षेत्र की बस्तियों तक कनेक्टिविटी मिलती है।
- कृषि और स्थानीय व्यापार इस इलाके की पहचान है।
5. झंझारपुर (Jhanjharpur)
- मधुबनी जिले में प्रवेश।
- मिथिला क्षेत्र का हिस्सा – भाषा, संस्कृति और राजनीति में अपनी खास पहचान।
- यहाँ रेलवे और सड़क दोनों से कनेक्टिविटी मजबूत है।
6. मधुबनी (Madhubani)
- दूरी (पूर्णिया से) – लगभग 220–230 किमी।
- मधुबनी पेंटिंग्स और मिथिला संस्कृति का केंद्र।
- शिक्षा, कला और राजनीति का संगम – यहाँ से कई बड़े नेता बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
7. दरभंगा (Darbhanga)
- मिथिला का दरवाज़ा और सबसे बड़ा शहरी केंद्र।
- दरभंगा एयरपोर्ट और विश्वविद्यालय (LNMU) के कारण उत्तर बिहार का शिक्षा-व्यापार हब।
- राजनीति में भी दरभंगा की आवाज़ बेहद अहम रही है।
8. मुज़फ़्फ़रपुर (Muzaffarpur)
- लीची नगरी और उत्तर बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक-व्यापारिक शहर।
- यहाँ से पटना तक का रास्ता और ज्यादा विकसित और व्यस्त हो जाता है।
- सड़कें चौड़ी, ट्रैफ़िक हाई और राजनीतिक हलचल भी ज़्यादा दिखती है।
9. पटना (Patna)
- अंतिम पड़ाव – बिहार की राजधानी।
- यहाँ विधानसभा, सचिवालय, विश्वविद्यालय, गंगा घाट और आधुनिक शहरी विकास दोनों का मेल देखने को मिलता है।
- पटना पहुँचते ही यात्रा ग्रामीण-सीमांचल से होते हुए राजधानी के राजनीतिक धड़कन तक का अनुभव कराती है।
कुल दूरी और सफ़र
- पूर्णिया से पटना कुल दूरी – लगभग 350 किमी (रूट के हिसाब से फर्क हो सकता है)।
- समय – 8 से 10 घंटे (ट्रैफ़िक और सड़क की स्थिति के अनुसार)।
- यह सफर बिहार के तीन बड़े हिस्सों – सीमांचल, मिथिला और मगध-पटना क्षेत्र – को जोड़ता है।













